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à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठ– गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से लेकर डिलीवरी को बेहतर बनाने में साथ निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ वाला ज़रूरी साथी
मां बनना सिरà¥à¥ž à¤à¤• मानसिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं है, बलà¥à¤•ि इस पड़ाव में à¤à¤• औरत के शरीर में ढेरों बदलाव आते हैं। जितना ज़रूरी उसके लिठअपने खान-पान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना है, उतना ही ज़रूरी है अपने शरीर में आ रहे बदलावों के बारे में सतरà¥à¤• रहना। गà¤à¤°à¥à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को समय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करने की सलाह à¤à¥€ इसीलिठदी जाती है ताकि रेगà¥à¤²à¤° Checkup के जरिठयह अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया जा सके कि बचà¥à¤šà¤¾ गरà¥à¤ में सामानà¥à¤¯ रूप से बॠरहा है या नहीं।
रेगà¥à¤²à¤° चेकअप आपके बहà¥à¤¤ सारे सवालों का जवाब à¤à¥€ देते हैं जैसे गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ का वजन कितना है या गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड है या नहीं ? इस लेख में हम कà¥à¤› जानकरियां साà¤à¤¾ कर रहे हैं जैसे à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठऔर बचà¥à¤šà¥‡ के विकास में इस दà¥à¤°à¤µ की कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚मिका होती है।
चलिठसबसे पहले जानते हैं कà¥à¤¯à¤¾ है à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कà¥à¤¯à¤¾ है – What Is Amniotic Fluid?
मेडिकल टरà¥à¤®à¥à¤¸ में कà¥à¤› चीज़ों को समà¤à¤¨à¥‡ में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है, इसीलिठकई बार लोगों के मन में ये सवाल होता है कि आखिर यह à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कà¥à¤¯à¤¾ है? असल में à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ है जो à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक सैक (आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पानी की थैली) में à¤à¤°à¤¾ होता है। गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠइस à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड से à¤à¤°à¥€ थैली में रहता है। हेलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठइस दà¥à¤°à¤µ का सही मातà¥à¤°à¤¾ में होना बहà¥à¤¤ जरूरी है, इसकी कमी को ओलिगोहाइडà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¨à¤¿à¤“स के नाम से जाना जाता है,और यह à¤à¤• आम लेकिन जटिल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है।
जब à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड की मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को पॉलिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸ कहा जाता है। कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤° या फिर हलà¥à¤•े पीले रंग का ये Fluid गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 12 दिनों में à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक थैली में बनने लगता है। ये लिकà¥à¤µà¤¿à¤¡ रकà¥à¤¤-पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का मिकà¥à¤¸ होता है। ये à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास में बेहद सहायक है। à¤à¤• मां के गरà¥à¤ में पल रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठज़रूरी इस Fluid की मातà¥à¤°à¤¾ से ही पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी और डिलीवरी कैसी होगी, इसका अंदाज़ा लग जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी बà¥à¤¨à¥‡ के साथ ही à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक बà¥à¤¨à¥‡ लगता है।
हेलà¥à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लिठà¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठजानते हैं आगे –
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठ– à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚ड इंडेकà¥à¤¸
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid की मातà¥à¤°à¤¾ को à¤à¤• इंडेकà¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मापा जाता है, जिसे à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid इंडेकà¥à¤¸ कहा जाता है। इस इंडेकà¥à¤¸ से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी पीरियड में बचà¥à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ का पता लगा सकते हैं। रूटीन चेकअप के दौरान हà¥à¤ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से ही इसका पता चल जाता है। à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid इंडेकà¥à¤¸ cm में मापा जाता है।
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid नापने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° जो पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अपनाते हैं, उसे ‘à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid इंडेकà¥à¤¸ सिंगल डिपेसà¥à¤Ÿ पॉकेट’ या ‘फ़ोर कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤‚ट à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid इंडेकà¥à¤¸â€™ मेथड कहा जाता है। फ़ोर कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤‚ट à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid इंडेकà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में चारों कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ में सबसे गहरी पॉकेट मापी जाती है, ताकि à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid का वॉलà¥à¤¯à¥‚म पता चल सके। नारà¥à¤®à¤² केस में à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid Index 8 से 24 cm के बीच होता है।
अगर à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid वॉलà¥à¤¯à¥‚म 500ml से कम या à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid Index 5 cm से कम हो, तो यह अवसà¥à¤¥à¤¾ को ओलिगोहाईडà¥à¤°à¤®à¤¨à¤¿à¤“स कही जाती है। ये अवसà¥à¤¥à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में किसी à¤à¥€ वक़à¥à¤¤ हो सकती है, लेकिन इसके Chances गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आख़री तीन महीनों में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॠजाते हैं। à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid बचà¥à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥, उसकी मांसपेशियों, उसके फेफड़ों, डाईजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® के विकास में कारगर होती है। इसकी कमी से Premature (अकाल) बरà¥à¤¥, गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤, पैदा होते ही बचà¥à¤šà¥‡ की मृतà¥à¤¯à¥ जैसे कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशनà¥à¤¸ बॠजाते हैं। इतने कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशनà¥à¤¸ के बावजूद अगर डिलीवरी नॉरà¥à¤®à¤² होती है, तो उसे जनà¥à¤® के साथ ही कई शारीरिक बीमारियां पकड़ लेती हैं। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, डायबिटीज़, (पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और लीवर-किडनी जैसे अंगों को नà¥à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤¨ पहà¥à¤‚चना) जैसी बीमारियां ओलिगोहाईडà¥à¤°à¤®à¤¨à¤¿à¤“स का ही नतीजा होती हैं। ओलिगोहाईडà¥à¤°à¤®à¤¨à¤¿à¤“स से जूठरही à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को काफ़ी देखà¤à¤¾à¤² और जांच-पड़ताल की ज़रूरत होती है।
अगर à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid की मातà¥à¤°à¤¾ ज़रूरत से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ और à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid इंडेकà¥à¤¸ 24 cm से अधिक है, तो इसे पॉलीहाईडà¥à¤°à¤®à¤¨à¤¿à¤“स कहा जाà¤à¤—ा। इससे शरीर के हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में Fluid का à¤à¤°à¤¨à¤¾, वज़न बà¥à¤¨à¤¾, सांस लेने में दिकà¥à¤•त जैसी परेशानियां होती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की कà¥à¤› कंडीशंस जैसे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को डायबिटीज़, इंफेकà¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ से à¤à¥€ कई दफ़ा à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक Fluid बॠजाता है।
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठयह जानने के बाद आगे जानते हैं कि à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड के कारà¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड का कारà¥à¤¯ – Amniotic fluid uses
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठबहà¥à¤¤ उपयोगी ततà¥à¤µ माना जा सकता है। à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड के उपयोग जानने के लिठनीचे लिखी जानकारी को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से पà¥à¥‡à¤‚ –
शिशॠकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ और विकास के लिठउपयोगी है à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड
यह दà¥à¤°à¤µ बढ़ते à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठà¤à¤• कà¥à¤¶à¤¨ के रूप में कारà¥à¤¯ करता है और उसे बाहरी चोट से बचाता है। जब गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠà¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड में तैरता है तो इससे उसकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों का विकास होता है। कई बार शिशॠसांस के जरिठà¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड को अंदर और बाहर करता है जिससे फेफड़ों के विकास में मदद मिलती है। गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠइस दà¥à¤°à¤µ को निगलता है और बाद में पेशाब के जरिठबाहर निकालता है जिससे उसका पाचन तंतà¥à¤° विकसित होता है।
शिशॠके पोषण में à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड का महतà¥à¤µ
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को सिकà¥à¥œà¤¨à¥‡ से बचाता है जिससे, शिशॠके पूरà¥à¤£ विकास के लिठमाठसे बचà¥à¤šà¥‡ तक पोषण ठीक तरह से पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ रहता है। यह दà¥à¤°à¤µ मां और à¤à¥à¤°à¥‚ण के बीच पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚, पानी और अनà¥à¤¯ बायो केमिकल ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के आदान-पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड, चिकनाई (लà¥à¤¬à¥à¤°à¤¿à¤•ेंट) यà¥à¤•à¥à¤¤ होता है जिससे शिशॠके नाजà¥à¤• अंगों का विकास सही तरीके से हो पाता। à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड की मदद से हाथों और पैरों की उà¤à¤—लियाठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विकसित होती रहती हैं।
आगे जानते हैं कि à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कम होने के कारण कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं?
पदारà¥à¤¥ के सà¥à¤¤à¤° गिरने का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है –
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कम होने के कई कारण हो सकते हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के शरीर में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ नहीं बनने के कारण à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कम हो सकता है। यह उन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण हो सकता है जो शरीर में फà¥à¤²à¥‚ड को घटाती हैं। इसके अलावा ओलिगोहाइडà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¨à¤¿à¤“स के कारण ये à¤à¥€ हो सकते हैं –
लेबर शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक सैक का रिसना
लेबर शà¥à¤°à¥‚ होने से पहले à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक सैक का रिसना शà¥à¤°à¥‚ होने पर पानी की कमी हो जाती है। डिलीवरी का समय निकट होने पर à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है, इसलिठअगर गà¤à¤µà¤¤à¥€ को à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› महसूस हो तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेने चाहिà¤à¥¤
जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡
अगर कोई महिला जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं और वो दोनों à¤à¤• ही पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा साà¤à¤¾ कर रहे हैं, तो इसके कारण à¤à¥€ à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड में कमी आ सकती है। पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा, शिशॠतक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाले ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को रिफाइन करता है, जानिठपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के पà¥à¤°à¤•ार। जà¥à¥œà¤µà¤¾à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हमेशा जटिल होती है इसलिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° की देख-रेख में रहना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सामानà¥à¤¯ से लमà¥à¤¬à¥€ हो जाना
डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताई गयी à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¡ डेट ऑफ़ डिलीवरी से आगे अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी बॠजाती है तो à¤à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ में कमी आ सकती है। शिशॠके बà¥à¤¤à¥‡ आकार और जरूरी पोषण के हिसाब से यह à¤à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ कम पड़ सकता है।
गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠमें जनà¥à¤® दोष का होना
शिशॠमें जनà¥à¤® दोष (गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और मूतà¥à¤° पथ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚) होने पर यह दà¥à¤°à¤µ कम हो सकता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के जरिà¤, गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠमें बरà¥à¤¥ डिफेकà¥à¤Ÿ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सकते हैं।
आइà¤, अब जानते हैं कि कम à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक दà¥à¤°à¤µ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
कम à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक दà¥à¤°à¤µ के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms Of Low Amniotic Fluid)
आप जान चà¥à¤•े हैं कि à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठलेकिन ये कैसे पता चलेगा कि इस दà¥à¤°à¤µ की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो चà¥à¤•ी है? इसका आसान तरीका है नीचे लिखे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें और अगर इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नजर आठतो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर सूचित करें –
योनिमारà¥à¤— से à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक दà¥à¤°à¤µ का रिसाव होना जो कि à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक सैक के फटने के कारण हो सकता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड नजर नहीं आना।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का साइज सामानà¥à¤¯ साइज से छोटा होना।
अब जानते हैं कि सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठà¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के उपाय कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड बढ़ाने के उपाय (How To Increase Amniotic Fluid)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कम ना हो और आपका शिशॠसही तरीके से वृदà¥à¤§à¤¿ करता रहे, इसके लिठकà¥à¤› बातों का ख़ास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिठजैसे –
यदि किसी महिला में à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड का सà¥à¤¤à¤° सामानà¥à¤¯ से थोड़ा कम है, तो वे अधिक पानी पीकर अपने सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाने में कामयाब हो सकती हैं।
à¤à¤°à¤ªà¥‚र पानी का सेवन करने से डीहाईडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पैदा नहीं होती जो अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में लूज मोशन के कारण पैदा होती है।
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤à¤¾à¤ˆ गयी दवाइयों का समय पर सेवन करना चाहिà¤à¥¤
à¤à¤²-आरà¥à¤œà¤¿à¤¨à¤¿à¤¨ जैसे सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाकर ओलिगोहाइडà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¨à¤¿à¤“स के इलाज में मदद कर सकते हैं। इनका सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूरी है।
कम à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड सà¥à¤¤à¤° वाली महिलाओं को अधिक से अधिक बेड रेसà¥à¤Ÿ और कम शारीरिक गतिविधि करनी चाहिठताकि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अधिक गंà¤à¥€à¤° न बने।
कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड के निमà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤° का इलाज करने के à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‡à¤¨à¤«à¥à¤¯à¥‚ज़न नामक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अपनाते हैं, जिसमें à¤à¤• खारा दà¥à¤°à¤µ à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक सैक में à¤à¤°à¤¾ जाता है। यह à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड की पूरà¥à¤¤à¤¿ करता है।
उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि आप जान चà¥à¤•े होंगें कि à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कितना होना चाहिठऔर यह कितना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बिलà¥à¤•à¥à¤² अंतिम पड़ाव पर à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड कम होता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको जलà¥à¤¦à¥€ सिजेरियन डिलीवरी कराने की सलाह दे सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकरते हैं ताकि गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको किसी à¤à¥€ तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाया जा सके जो कम à¤à¤®à¤¨à¥€à¤“टिक फà¥à¤²à¥‚इड से पैदा हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤• नाजà¥à¤• दौर होता है इसलिठइस दौरान थोड़ी à¤à¥€ तकलीफ होने पर या असामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ नजर आने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
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